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शुक्रवार, 30 जुलाई 2021

यू.पी. बोर्ड परीक्षा/क्लेट/सीबीएसई बोर्ड /आईसीएसई बोर्ड 2021 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षाफल




आज यू.पी. बोर्ड परीक्षा 2021 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षाफल की घोषणा होगी शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने इसकी घोषणा कल किया है परीक्षाफल देखने के लिए लिंक नीचे  पर click करें


1- upmsp.edu.in

2- upresults.nic.in


CLAT ENTRANCE 2021



CBSE EXAM 2021 RESULT



ICSE RESULT 2021






TBV

Naveen Pandey

ममता बनर्जी और विपक्ष

 

ममता बनर्जी का दिल्ली आना और विपक्ष के एकीकरण की कोशिश करना कितना सार्थक होगा यह तो समय बताएगा लेकिन यहाँ पर आकर उनके द्वारा सबसे पहले प्रधानमंत्री से मिलना और बंगाल का नाम बदलने का अनुरोध करना साथ ही अन्य मांग करना पुष्टि करता है कि उनको समझ आया होगा कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री मानना पड़ा और मांगने के लिए जाना ही पड़ा, इसके पहले वो उनको प्रधानमंत्री मानने से इंकार कर चुकी है

ममता बनर्जी ने दिल्ली आकर कांग्रेस के सोनिया, राहुल के साथ साथ कांग्रेस के उस धड़े से भी मुलाक़ात किया जिसको जी-23 के नाम से जाना जाता है जो कांग्रेस मे लोकतंत्र समर्थक है और परिवार से मुक्ति चाहता है जिसको राहुल गाँधी गद्दार और मोदी से डरने वाले और अन्य उपनाम दे चुके है पवार से भी ममता ने मुलाक़ात किया साथ ही लालू यादव, समाजवादी पार्टी के नेताओं से भी मुलाक़ात किया, ऐसा ही एक समय महत्त्वकांक्षा पाले हुए आंध्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री नायडू ने भी किया था सारे विपक्षी नेताओं से मुलाक़ात कर उनको एक कर तीसरा मोर्चा बना रहे थे जो कभी फलिभूत होकर धरातल पर नहीं दिखा.

वास्तव मे विपक्षी नेताओं को देखा जाय तो उनकी अगर राज्य वार हैसियत और मोदी के समक्ष खड़े होने की व्यक्तित्व की तुलना किया जाय तो दशांश भी नहीं ठहरते है क्योंकि जो विपक्ष के नेता है उनका जो मूल स्वभाव है और महत्त्वकांक्षा है उसको छोड़ पाएंगे ऐसा उनका इतिहास तो नहीं बताता है कहने का तात्पर्य है की स्वाभाविक मित्रता और स्वार्थ, भय की मित्रता मे फर्क होता है क्योंकि स्वाभाविक मित्रता मे स्थायी भाव के साथ साथ त्याग, सम्मान की भावना होती है वहीँ दूसरी तरफ स्वार्थ की मित्रता मे मे अस्थायी भाव के साथ अपने हितो की वरीयता और छल का भी भाव होता है जिसको हम सबने समय समय पर आजादी से लेकर अभी तक देखा है क्या आज की परिस्थिति मे विपक्ष के नेताओं मे इतना साहस हो सकता है अपने विशाक्त स्वभाव को छोड़कर त्याग और समर्पण किसी नेता के प्रति दिखाएंगे यह सब समय बताएगा किन्तु हम तो उनके पूर्व के इतिहास और मूल स्वभाव को आधार बना कर ही विश्लेषण करेंगे......


क्रमशः


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 Naveen Pandey

गुरुवार, 29 जुलाई 2021

लाफिंग बुद्धा और वास्तुशास्त्र

 




 लाफिंग बुद्धा 

लोग अपने घरों पर सुख समृद्धि के लिए कई तरह की शुभ चीजें रखते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार शुभ प्रतीकों को घर पर रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर भागती है। वास्तु शास्त्र में शांति और संपन्नता के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इसी तरह  चाइनीज वास्तु शास्त्र फेंगशुई में भी कई चीजों का महत्व है। इसी में एक लाफिंग बुद्धा भी है। घर पर लाफिंग बुद्धा रखने से कई फायदे मिलते हैं। घर में समृद्धि लाने के लिए लाफिंग बुद्धा रखे जाते हैं। लाफिंग बुद्धा की मूर्ति कई तरह की होती हैं और अलग-अलग मनोकामना की पूर्ति के लिए हर एक लाफिंग बुद्धा का अपना महत्व है। घर में इसे मुख्य द्वार के सामने स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है

चीन में संपत्ति के देवता माने जाने वाले लाफिंग बुद्धा की पूजा-आराधना की जाती है। और लाफिंग बुद्धा को धन-

वैभव-संपन्नता सफलता और सुख-शांति का देवता मानते हैं।  घर में इनकी स्थापना से धन-दौलत का आगमन निश्चित मान लिया जाता है। चीन में मान्यता है कि अलग-अलग जगह और इच्छाओं के हिसाब से इनको रखा जाता है। दौलत का आगमन निश्चित मान लिया जाता है।चीन में मान्यता है कि अलग-अलग जगह और इच्छाओं के हिसाब से इनको रखा जाता हैं।कौन से लाफिंग बुद्धा सही हैं यानि कौन से लाफिंग बुद्धा किस मनोकामना की पूर्ति करता है लॉफिंग बुद्धा एक नहीं बल्कि 12 तरह के होते हैं।

1. दोनों हाथ ऊपर किए लॉफिंग बुद्धा
अगर बिजनेस ठीक से नहीं चल रहा हो या लगातार नुकसान और पैसों की कमी का सामना करना पड़ रहा हो तो दोनों हाथ ऊपर किए हुए हो लॉफिंग बुद्धा की मूर्ति दुकान या ऑफिस में रखें, इससे बिजनेस बढ़ने लगेगा।

2. धन की पोटली लिए लॉफिंग बुद्धा
धन की पोटली अपने कांधे पर टांगे लॉफिंग बुद्धा किसी भी घर या ऑफिस के लिए शुभ माने गए हैं। इन्हें रखने से पैसों से जुड़ी हर परेशानी खत्म होने लगती है और कभी पैसों की तंगी नहीं होती।

3. लेटे हुए लॉफिग बुद्धा
अगर हर काम में असफलता और दुर्भाग्य का सामना करना पड़ रहा हो तो घर-दुकान में लेटे हुए लॉफिंग बुद्धा की मूर्ति रखना अच्छा होती है। इससे धीरे-धीरे दुर्भाग्य खत्म होने लगता है।

4. बच्चों के साथ बैठे लॉफिंग बुद्धा
जिस मूर्ति में लॉफिंग बुद्धा बच्चों के साथ बैठे दिखाई दें, वह मूर्ति संतान प्राप्ति के लिए बहुत ही शुभ मानी जाती है। इसे पति-पत्नी अपने कमरे में रख सकते हैं।

5. थैला लिए लॉफिंग बुद्धा
थैली लिए लॉफिंग बुद्धा दुकान या ऑफिस के मेन गेट पर रखना चाहिए, इससे इनकम बढ़ती है। ध्यान रखें कि लॉफिंग बुद्धा के पास जो थैला हो, वह खाली हो। इस थैले में रखा गया सामान बाहर तक नजर आना चाहिए।

6. ड्रैगन पर बैठे लॉफिंग बुद्धा
अगर आपको लगता है कि आपके घर में कोई जादू-टोना करता है या किसी की बुरी नजर आपके घर के सदस्यों पर पड़ी है तो आपको ड्रैगन पर बैठे लॉफिंग बुद्धा को घर-दुकान में रख दें। सभी नेगेटिव इफेक्ट खत्म हो जाएंगे।

7. धातु से बना लॉफिंग बुद्धा
ऐसे व्यक्ति जो कभी निर्णय नहीं ले पाते, जिनकी निर्णय क्षमता बहुत कमजोर होती है वे धातु से बने हंसते हुए बुद्धा की प्रतिमा अपने घर या ऑफिस में रख सकते हैं। इससे आपकी निर्णय क्षमता और अधिक बढ़ जाएगी।

8. हंसते हुए लॉफिंग बुद्धा
घर या दुकान में खुशहाली और समृद्धि को बढ़ाने के लिए हंसती हुई लॉफिंग बुद्धा की प्रतिमा रखनी चाहिए। उन्हें इस तरह रखें जैसे वे आने वाले मेहमान को देख रहे हैं।

9. ध्यान में मशगूल
जिस मूर्ति में लॉफिंग बुद्धा ध्यान करते हुए दिखाई दे रहे हो, ऐसी मूर्ति रखने से घर-दुकान का माहौल शांतिपूर्ण बना रहता है और वहां के लोगों का गुस्सा भी कम होता है।

10. नाव पर बैठे लॉफिंग बुद्धा
नाव पर बैठे लॉफिंग बुद्धा को ऑफिस या घर की वर्किंल टेबल पर रखना शुभ होता है, इससे तरक्की के रास्ते खुलते हैं। ध्यान रहे नाव कुछ इस तरह रखी जानी चाहिए कि वो अंदर आती हुई दिखाई दे।

11. सिक्का और पंखा पकड़े हुए लॉफिंग बुद्धा
जिस मूर्ति में लाफिंग बुद्धा एक हाथ में सोने का सिक्का और दूसरे हाथ में पंखा लिए हुए होते हैं, वे मूर्ति घर-दुकान में खुशहाली और सफलता लेकर आती है।

12. वुलु लिए लॉफिंग बुद्धा

अगर घर में कोई बीमार है लेकिन बीमारी का पता नहीं चल पा रहा हो तो हाथ में वुलु लिए लॉफिंग बुद्धा को बीमार व्यक्ति के तकिए के पास रख दें। जल्द ही जांच में बीमारी का पता चल जाएगा। वुलु एक प्रकार का चीनी फल है जो पीले रंग का होता है।


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Naveen Pandey


ममता बनर्जी की दिल्ली प्रवास(चौबे जी दुबे बने )

ममता बनर्जी का दिल्ली आना और विपक्षी एकता की हर संभव प्रयास करना इस कहावत को चरितार्थ करता है कि चौबे जी आ ये थे छब्बे बनने दुबे बन कर आये म...